Monday, 5 November 2012

दीपावली में मौम का दीप जलाना अयोग्य क्यों ?

दीपावलीमें मोमके दीप जलाना अयोग्य क्यों ?

    आजकल अनेक लोग मिट्टीके दीपोंका महत्त्व ज्ञात न होनेके कारण लोकेषणा एवं स्पर्धा हेतु धर्मशास्त्रके विरुद्ध विविध प्रकारके दीप जलाते हैं । इससे संभावित हानि प्रस्तुत कर रहे हैं ।
    मोममें कष्टदायक तरंगें आकृष्ट करनेकी क्षमता होना : मोम के दीपमें वायुमंडलकी कष्टदायक तरंगें, जबकि मोमकी सूक्ष्म-गंधमें ७ वें पातालके मांत्रिकोंको आकृष्ट करनेकी क्षमता है । मोमकी ज्योत कष्टदायक घटकोंके निर्दालनका कार्य न कर, उन्हें आकर्षित कर संपूर्ण वायुमंडलमें प्रक्षेपण करती है । इसलिए मोमका दीप जलाना अयोग्य है ।
    मोमबत्तीके विचित्र आकारसे कष्टदायक घटक आकृष्ट होना : मोमके दीपके सामान्य (लंबी व गोलाकार) तथा विविध विशेष आकारमें कष्टदायक घटकोंको बडी मात्रामें आकर्षित करनेकी क्षमता है । ये कष्टदायक तरंगें अथवा घटक आकारके माध्यमसे दीपमें प्रविष्ट होकर वहांसे प्रक्षेपित होती हैं ।